कम उम्र में हार्ट अटैक — एथेरोस्क्लेरोसिस की भूमिका

Dr.s.k
0
कम उम्र में हार्ट अटैक में एथेरोस्क्लेरोसिस और जीन की भूमिका
युवाओं में हार्ट अटैक के पीछे एथेरोस्क्लेरोसिस एक अहम कारण हो सकता है।
हार्ट अटैक को लंबे समय तक बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में एक चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है — कम उम्र में हार्ट अटैक। 30–40 की उम्र में दिल की गंभीर समस्या होना अब दुर्लभ नहीं रहा।

ऐसे में सवाल उठता है —
👉 आखिर इतनी कम उम्र में दिल की नसें क्यों जवाब देने लगती हैं?
इसका एक बड़ा कारण है एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) — और अब रिसर्च यह भी दिखा रही है कि इसमें कुछ जीन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की भी अहम भूमिका हो सकती है।


एथेरोस्क्लेरोसिस क्या है?

एथेरोस्क्लेरोसिस एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें धमनियों (Arteries) की अंदरूनी दीवारों पर:

  • फैट

  • कोलेस्ट्रॉल

  • कैल्शियम

जमने लगता है। इसे आम भाषा में प्लाक (Plaque) कहा जाता है।

समय के साथ यह प्लाक:

  • नसों को संकरा करता है

  • ब्लड फ्लो कम करता है

  • और अचानक फटने पर हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।


🧠 कम उम्र में एथेरोस्क्लेरोसिस क्यों बढ़ रहा है?

आज की लाइफस्टाइल इसमें बड़ी भूमिका निभा रही है:

  • अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड

  • शारीरिक निष्क्रियता

  • लगातार तनाव

  • धूम्रपान

  • नींद की कमी

ये सभी फैक्टर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) को बढ़ाते हैं, जो नसों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है।


🧬 Kruppel-like factor (KLF) जीन की भूमिका

हाल की रिसर्च में Kruppel-like factor (KLF) जीन फैमिली पर ध्यान दिया गया है।
ये जीन:

  • नसों की अंदरूनी परत (Endothelium) को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं

  • सूजन (Inflammation) को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं

  • प्लाक बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं

जब:

  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है

  • और जीवनशैली असंतुलित होती है

तो KLF जीन का सुरक्षात्मक प्रभाव कम हो सकता है, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस तेज़ी से बढ़ने लगता है।

👉 यह अभी रिसर्च का विषय है, लेकिन इससे यह संकेत ज़रूर मिलता है कि जीन + लाइफस्टाइल मिलकर हार्ट रिस्क तय करते हैं।


⚠️ ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और दिल का रिश्ता

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस वह स्थिति है, जब शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ जाते हैं और उन्हें संतुलित करने की क्षमता कम हो जाती है।

यह:

  • नसों को नुकसान

  • सूजन

  • प्लाक अस्थिरता

का कारण बन सकता है — जो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाता है।


🍎 एंटीऑक्सीडेंट्स की भूमिका: अनार, रेस्वेराट्रोल और आंवला

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में एंटीऑक्सीडेंट्स की भूमिका पर काफी अध्ययन हो चुके हैं।

🔴 अनार (Pomegranate)

  • एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

  • नसों की कार्यक्षमता को सपोर्ट कर सकता है

  • प्लाक से जुड़ी सूजन पर सकारात्मक असर डाल सकता है

🍇 रेस्वेराट्रोल (Resveratrol)

  • अंगूर और कुछ पौधों में पाया जाने वाला यौगिक

  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने से जुड़ा

  • हृदय स्वास्थ्य पर संभावित लाभ

🟢 आंवला (Amla)

  • विटामिन C का अच्छा स्रोत

  • शरीर की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता बढ़ाने में सहायक

  • पारंपरिक तौर पर हृदय स्वास्थ्य से जोड़ा जाता रहा है

👉 ध्यान रहे: ये इलाज नहीं, बल्कि सपोर्टिंग न्यूट्रिशन का हिस्सा हो सकते हैं।


❗ क्या सिर्फ एंटीऑक्सीडेंट से हार्ट अटैक रोका जा सकता है?

नहीं।
हार्ट अटैक एक मल्टीफैक्टोरियल समस्या है।

एंटीऑक्सीडेंट्स:

  • लाइफस्टाइल सुधार का पूरक हो सकते हैं

  • लेकिन दवाओं, जांच और मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं हैं


✅ कम उम्र में हार्ट रिस्क कम करने के लिए क्या करें?

✔️ ज़रूरी कदम:

  • नियमित फिज़िकल एक्टिविटी

  • संतुलित और कम प्रोसेस्ड डाइट

  • तनाव प्रबंधन

  • समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल और शुगर जांच

❌ किन बातों से बचें:

  • “मैं जवान हूँ, मुझे कुछ नहीं होगा” सोच

  • धूम्रपान और अत्यधिक शराब

  • लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना


🟢 अंतिम बात

कम उम्र में हार्ट अटैक सिर्फ किस्मत नहीं, बल्कि
एथेरोस्क्लेरोसिस + लाइफस्टाइल + जैविक कारक
का नतीजा हो सकता है।

समय पर जागरूकता, सही आदतें और मेडिकल सलाह — यही दिल की सबसे बड़ी सुरक्षा है।

👇 नीचे कमेंट में बताइए —
क्या आपको लगता है कि आज की लाइफस्टाइल युवाओं के दिल पर सबसे ज़्यादा असर डाल रही है?


Tags

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Out
Ok, Go it!
To Top