चावल भुंजा डायबिटीज़ में सुरक्षित है या नहीं?

Dr.s.k
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मुरमुरा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और डायबिटीज़ में स्नैक्स की तुलना
मुरमुरा हल्का दिखता है, लेकिन उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ऊँचा होता है।
डायबिटीज़ (Diabetes) में खानपान को लेकर सबसे बड़ा सवाल अक्सर चावल को लेकर होता है। ऐसे में कई लोग यह मान लेते हैं कि “अगर चावल भुंजा (भुने हुए चावल / चूड़ा / मुरमुरा) खा लिया जाए, तो शुगर नहीं बढ़ेगी।”

लेकिन क्या यह सोच पूरी तरह सही है?
👉 क्या चावल भुंजा डायबिटीज़ में सचमुच सुरक्षित है या फिर यह भी ब्लड शुगर बढ़ा सकता है?

चावल भुंजा आखिर होता क्या है?

चावल भुंजा आमतौर पर:

  • मुरमुरा (Puffed Rice)

  • चूड़ा / पोहा (Rice Flakes)

के रूप में खाया जाता है।
इसे बनाने में चावल को तेज़ गर्मी पर भुना जाता है, जिससे वह हल्का और कुरकुरा हो जाता है।

कई लोग इसे इसलिए “सेफ” मानते हैं क्योंकि:

  • इसमें तेल नहीं होता

  • यह हल्का लगता है

  • पेट जल्दी भर जाता है


🧠 डायबिटीज़ में असली सवाल क्या है?

डायबिटीज़ में किसी भी खाने की सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि:

  • वह ब्लड शुगर को कितनी तेज़ी से बढ़ाता है

  • यानी उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) क्या है

👉 इस पैमाने पर चावल भुंजा थोड़ा चौंकाने वाला साबित होता है।


🧠 मुरमुरा (चावल भुंजा) का ग्लाइसेमिक इंडेक्स

यहाँ सबसे ज़रूरी बात:

👉 मुरमुरा (Puffed Rice / Rice Bhunja) का GI काफ़ी ज़्यादा होता है।

  • मुरमुरा का GI: लगभग 80–85

  • इसे High Glycemic Index Food माना जाता है

क्यों?

  • यह बहुत ज़्यादा प्रोसेस्ड होता है

  • फाइबर बेहद कम होता है

  • जल्दी पचकर सीधे ग्लूकोज़ में बदल जाता है

👉 इसलिए यह ब्लड शुगर को अचानक स्पाइक करा सकता है।


🤔 तो क्या डायबिटीज़ में चावल भुंजा बिल्कुल नहीं खाना चाहिए?

ऐसा भी नहीं है।
डायबिटीज़ में बात “हां या ना” की नहीं, बल्कि कैसे और कितना की होती है।

किन स्थितियों में सावधानी ज़रूरी है?

  • अगर आपकी शुगर कंट्रोल में नहीं रहती

  • अगर HbA1c लगातार ज़्यादा है

  • अगर आप इसे स्नैक की तरह बार-बार खाते हैं


✅ अगर खाना ही हो, तो कैसे खाएं?

अगर डॉक्टर या डाइटिशियन ने अनुमति दी हो, तो:

✔️ बेहतर तरीका

  • बहुत छोटी मात्रा

  • खाली पेट नहीं

  • साथ में:

    • मूंगफली

    • दही

    • सब्ज़ियां

ताकि शुगर का असर धीमा हो सके।

❌ क्या न करें

  • बड़ी कटोरी भरकर खाना

  • मीठा या गुड़ मिलाना

  • यह मान लेना कि “यह तो सेफ फूड है”


⚠️ किसे ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए?

  • जिनकी फास्टिंग या पोस्ट-प्रांडियल शुगर ज़्यादा रहती है

  • जिनमें वजन या पेट की चर्बी अधिक है

  • जिनका डायबिटीज़ हाल ही में डायग्नोज़ हुआ है

इन लोगों में चावल भुंजा शुगर स्पाइक का कारण बन सकता है।


❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या मुरमुरा पोहा से बेहतर है?
दोनों ही जल्दी पचते हैं, इसलिए मात्रा और संयोजन ज़्यादा महत्वपूर्ण है।

Q2. क्या रोज़ चावल भुंजा खाना ठीक है?
डायबिटीज़ में रोज़ाना इसे खाना आमतौर पर सलाह नहीं दी जाती।

Q3. क्या यह ब्राउन राइस से बेहतर है?
नहीं। ब्राउन राइस में फाइबर ज़्यादा होता है, जिससे शुगर धीरे बढ़ती है।


🟢 अंतिम बात

चावल भुंजा देखने में हल्का और “सेफ” लग सकता है,
लेकिन डायबिटीज़ में यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाने वाला विकल्प बन सकता है।

सही मात्रा + सही संयोजन + शुगर मॉनिटरिंग — यही समझदारी है।

👇 नीचे कमेंट में बताइए —
क्या आप डायबिटीज़ में मुरमुरा या चूड़ा खाते हैं और उसके बाद शुगर चेक की है?

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