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| प्रीडायबिटीज़ के चरण में शुगर कंट्रोल दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। |
इस लंबे अध्ययन के मुताबिक, अगर प्रीडायबिटीज़ के चरण में ही ब्लड शुगर कंट्रोल कर लिया जाए, तो आगे चलकर हार्ट डिज़ीज़ (Heart Disease) का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। यानी समस्या को शुरुआती दौर में संभालना दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
प्रीडायबिटीज़ क्या होती है?
प्रीडायबिटीज़ वह स्थिति है, जब ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से ज़्यादा होता है, लेकिन इतना नहीं कि उसे डायबिटीज़ कहा जाए।
यह शरीर की एक अर्ली वार्निंग होती है कि इंसुलिन ठीक से काम नहीं कर पा रहा।
अगर इस चरण में ध्यान न दिया जाए, तो:
टाइप 2 डायबिटीज़
और उससे जुड़ी हार्ट डिज़ीज़
का जोखिम बढ़ सकता है।
🧠 20 साल की स्टडी क्या बताती है?
इस दीर्घकालिक अध्ययन में यह देखा गया कि:
जिन लोगों ने प्रीडायबिटीज़ के समय ही
खानपान सुधारा
वजन कंट्रोल किया
ब्लड शुगर पर नज़र रखी
उनमें हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा कम पाया गया।
इसके उलट, जिन्होंने प्रीडायबिटीज़ को नज़रअंदाज़ किया, उनमें समय के साथ दिल से जुड़ी जटिलताएं ज़्यादा देखी गईं।
❤️ ब्लड शुगर और दिल का क्या कनेक्शन है?
लगातार बढ़ी हुई शुगर:
नसों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचा सकती है
सूजन (Inflammation) बढ़ा सकती है
कोलेस्ट्रॉल संतुलन बिगाड़ सकती है
ये सभी फैक्टर मिलकर हार्ट डिज़ीज़ का जोखिम बढ़ाते हैं।
इसलिए शुगर कंट्रोल सिर्फ डायबिटीज़ से बचाव नहीं, बल्कि दिल की सुरक्षा भी है।
⚠️ प्रीडायबिटीज़ में दिखने वाले संकेत
अक्सर प्रीडायबिटीज़ में साफ लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ संकेत हो सकते हैं:
जल्दी थकान
वजन बढ़ना, खासकर पेट के आसपास
खाने के बाद सुस्ती
बार-बार प्यास लगना
👉 यही वजह है कि नियमित जांच बहुत ज़रूरी हो जाती है।
🧪 शुगर कंट्रोल करने के लिए क्या किया गया?
स्टडी में शामिल लोगों ने मुख्य रूप से:
संतुलित और नियंत्रित डाइट
नियमित शारीरिक गतिविधि
वजन में 5–7% तक की कमी
समय-समय पर ब्लड शुगर जांच
जैसे कदम उठाए।
👉 ध्यान रहे: यह सब डॉक्टर की सलाह और निगरानी में किया गया।
✅ प्रीडायबिटीज़ में क्या करें / ❌ क्या न करें
✔️ क्या करें:
साल में कम से कम एक बार ब्लड शुगर जांच
रोज़ 30 मिनट की फिज़िकल एक्टिविटी
मीठे और प्रोसेस्ड फूड सीमित करें
वजन और कमर के घेर पर ध्यान दें
❌ क्या न करें:
“अभी डायबिटीज़ नहीं है” सोचकर लापरवाही
खुद से दवाएं शुरू करना
जांच को टालते रहना
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. क्या प्रीडायबिटीज़ पूरी तरह ठीक हो सकती है?
कई मामलों में सही लाइफस्टाइल से इसे कंट्रोल या रिवर्स किया जा सकता है।
Q2. क्या सिर्फ डाइट से फर्क पड़ता है?
डाइट के साथ एक्सरसाइज़ और वजन कंट्रोल भी उतने ही ज़रूरी हैं।
Q3. क्या प्रीडायबिटीज़ में हार्ट रिस्क सच में बढ़ता है?
हां, खासकर अगर शुगर लंबे समय तक कंट्रोल में न रहे।
🟢 अंतिम बात
यह 20 साल की स्टडी एक साफ संदेश देती है —
प्रीडायबिटीज़ को हल्के में न लें।
समय पर शुगर कंट्रोल =
डायबिटीज़ से बचाव + दिल की बेहतर सुरक्षा।
👇 नीचे कमेंट में बताइए —
क्या आपने कभी अपनी शुगर “प्रीडायबिटीज़ रेंज” में जांची है?


