सरसों का तेल या रिफाइंड तेल — सेहत के लिए कौन बेहतर है?

Dr.s.k
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सरसों का तेल और रिफाइंड तेल सेहत के लिए तुलना
खाना पकाने के तेल का सही चुनाव दिल और सेहत को प्रभावित करता है।

कुछ लोग कहते हैं कि सरसों का तेल “देसी और प्राकृतिक” है, तो कुछ मानते हैं कि रिफाइंड तेल हल्का होता है और दिल के लिए सुरक्षित। ऐसे में सही जवाब जानना ज़रूरी है, क्योंकि तेल का चुनाव सीधे दिल, वजन और मेटाबॉलिज़्म से जुड़ा होता है।

सरसों का तेल क्या है?

सरसों का तेल सरसों के बीजों से निकाला जाता है और यह पारंपरिक रूप से भारतीय रसोई में इस्तेमाल होता आया है। इसका स्वाद और खुशबू तेज़ होती है।

सरसों के तेल की खास बातें

  • मोनोअनसैचुरेटेड फैट (MUFA) ज़्यादा

  • ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड मौजूद

  • एंटीऑक्सीडेंट गुण

  • हाई स्मोक पॉइंट (तलने के लिए उपयुक्त)


रिफाइंड तेल क्या होता है?

रिफाइंड तेल (Refined Oil) जैसे रिफाइंड सनफ्लावर, सोयाबीन या पाम ऑयल —
इन्हें कई प्रोसेसिंग स्टेप्स से गुज़ारा जाता है, ताकि:

  • रंग

  • गंध

  • अशुद्धियाँ
    हटा दी जाएं।

रिफाइंड तेल की पहचान

  • स्वाद और खुशबू लगभग नहीं

  • दिखने में साफ और हल्का

  • प्रोसेसिंग के दौरान कुछ पोषक तत्व कम हो सकते हैं


🧠 सेहत के नजरिए से बड़ा फर्क क्या है?

1️⃣ फैट की क्वालिटी

  • सरसों का तेल: हेल्दी फैट्स का बेहतर संतुलन

  • रिफाइंड तेल: फैट तो होता है, लेकिन पोषण कम हो सकता है

2️⃣ प्रोसेसिंग का असर

  • सरसों का तेल कम प्रोसेस्ड होता है

  • रिफाइंड तेल ज़्यादा प्रोसेस्ड, जिससे पोषक तत्व घट सकते हैं

3️⃣ दिल की सेहत

  • संतुलित मात्रा में सरसों का तेल दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है

  • रिफाइंड तेल का ज़्यादा सेवन लंबे समय में नुकसानदेह हो सकता है


⚠️ क्या सरसों के तेल को लेकर कोई सावधानी है?

हां।
सरसों के तेल में एरूसिक एसिड (Erucic Acid) होता है, जिसे लेकर पहले चिंता जताई जाती रही है। लेकिन:

  • सीमित मात्रा में

  • संतुलित आहार के साथ

इस्तेमाल करने पर इसे आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है।

👉 किसी एक ही तेल का अत्यधिक इस्तेमाल कभी भी सही नहीं है।


🤔 तो सेहत के लिए बेहतर क्या है?

सीधा जवाब यह है:

  • रोज़मर्रा के भारतीय खाने के लिए: सरसों का तेल बेहतर विकल्प हो सकता है

  • लेकिन: तेल की मात्रा, पकाने का तरीका और कुल डाइट ज़्यादा मायने रखती है

सबसे अच्छा तरीका है:
👉 तेलों में विविधता (Rotation) रखना
जैसे कभी सरसों, कभी मूंगफली या अन्य सीमित विकल्प।


✅ क्या करें / ❌ क्या न करें

✔️ क्या करें:

  • कम प्रोसेस्ड तेल चुनें

  • सीमित मात्रा में तेल इस्तेमाल करें

  • डीप फ्राई से बचें

❌ क्या न करें:

  • “हल्का है” सोचकर रिफाइंड तेल ज़्यादा न लें

  • एक ही तेल सालों तक इस्तेमाल न करें

  • तेल को बार-बार गर्म न करें


❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या सरसों का तेल रोज़ इस्तेमाल किया जा सकता है?
हां, सीमित मात्रा और संतुलित डाइट के साथ।

Q2. क्या रिफाइंड तेल पूरी तरह खराब है?
नहीं, लेकिन इसका अत्यधिक और लंबे समय तक इस्तेमाल से बचना चाहिए।

Q3. दिल के मरीज कौन सा तेल चुनें?
डॉक्टर की सलाह के अनुसार तेल चुनना सबसे सुरक्षित तरीका है।


🟢 अंतिम बात

तेल सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का आधार भी है।
सरसों का तेल हो या रिफाइंड —
मात्रा, गुणवत्ता और संतुलन ही असली कुंजी है।

👇 नीचे कमेंट में बताइए —
आप अपने घर में कौन सा तेल इस्तेमाल करते हैं और क्यों?

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