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| सरकारी और प्राइवेट दोनों टीकाकरण सुरक्षित और प्रभावी होते हैं। |
कई माता-पिता के मन में यह सवाल आता है—
👉 “सरकारी टीका ठीक होता है या प्राइवेट?” 🤔
👉 “पैसे देकर लगवाना ज़्यादा सुरक्षित है?” 💰💉
यह उलझन स्वाभाविक है।
लेकिन सही फैसला लेने के लिए भावना नहीं, सही जानकारी ज़रूरी है 🧠✅
🎯 टीकाकरण (Immunisation) का मकसद क्या है?
चाहे टीका
🏥 सरकारी अस्पताल में लगे
या 🏥 प्राइवेट क्लिनिक में
👉 उद्देश्य एक ही है —
👶 बच्चे को गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाना।
टीके:
🛡️ शरीर में प्रतिरक्षा (Immunity) बनाते हैं
⏳ बीमारी होने से पहले सुरक्षा देते हैं
फर्क कहाँ टीका लगा, इसमें नहीं
फर्क कैसे और किस परिस्थिति में लगा, इसमें होता है।
🏥 सरकारी टीकाकरण क्या होता है?
सरकारी टीकाकरण भारत में
🇮🇳 राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (Universal Immunization Programme)
के तहत दिया जाता है।
यह टीके:
✔️ सरकार द्वारा निःशुल्क (Free)
✔️ तय शेड्यूल के अनुसार
✔️ बड़े स्तर पर बच्चों की सुरक्षा के लिए
🟢 यह टीके WHO 🌍 और भारत सरकार द्वारा अनुमोदित होते हैं।
🏥 प्राइवेट टीकाकरण क्या होता है?
प्राइवेट अस्पताल या क्लिनिक में
टीकाकरण पैसे देकर (Paid) कराया जाता है 💳
यहाँ:
✔️ कुछ अतिरिक्त / संयोजन (Combination) टीके
✔️ ⏰ समय की ज़्यादा flexibility
✔️ 👨⚕️ माता-पिता को ज़्यादा counselling
लेकिन ❌ इसका मतलब यह नहीं कि
सरकारी टीके कम प्रभावी होते हैं।
🔍 🟢 सरकारी और प्राइवेट टीकाकरण में असली फर्क कहाँ है?
👉 ❌ सुरक्षा में नहीं
👉 ❌ क्वालिटी में नहीं
👉 ❌ टीके के असर में नहीं
असली फर्क होता है 👇
🕒 सुविधा (Convenience)
💉 विकल्प (Vaccine choices)
💰 खर्च (Cost)
👥 भीड़ और समय प्रबंधन
⚠️ एक ज़रूरी बात जो अक्सर नहीं बताई जाती
कई बार माता-पिता सोचते हैं—
“सरकारी टीका free है, तो शायद कमजोर होगा” ❌
यह पूरी तरह गलतफहमी है 🚫
सरकारी टीके:
✔️ बड़े पैमाने पर टेस्टेड होते हैं
✔️ करोड़ों बच्चों को लगाए जाते हैं
✔️ उन्हीं बीमारियों से बचाते हैं
जिनसे प्राइवेट टीके बचाते हैं
🟢 🎒 10 और 16 वर्ष
इस उम्र में दिया जाने वाला
टीडी (Td Vaccine) 💉
सरकारी और प्राइवेट—
दोनों जगह एक जैसा ही असरदार होता है।
समस्या यह है कि 👇
🤷 “अब तो बच्चा बड़ा हो गया”
ऐसा मान लिया जाता है
जबकि यही टीका
🦠 टिटनस और डिप्थीरिया से
आगे की सुरक्षा देता है।
🤔 किसे क्या चुनना चाहिए?
यह फैसला इन बातों पर निर्भर करता है:
✔️ आपकी सुविधा 🕒
✔️ आपकी आर्थिक स्थिति 💰
✔️ बच्चे की मेडिकल ज़रूरत 🩺
✔️ डॉक्टर की सलाह 👨⚕️
🟢 सरकारी केंद्र पास है → पूरी तरह सुरक्षित विकल्प
🟢 समय / सुविधा बड़ी चिंता है → प्राइवेट भी ठीक है
आप सरकारी या प्राइवेट—किस विकल्प को लेकर ज़्यादा उलझन में हैं?


