नींद की कमी से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

Dr.s.k
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नींद की कमी से शरीर और दिमाग पर पड़ने वाले असर
पर्याप्त नींद शरीर के संतुलन के लिए ज़रूरी है।
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में नींद सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ की जाने वाली ज़रूरत बन गई है। देर रात तक मोबाइल देखना, काम का दबाव या मानसिक तनाव — और नींद पीछे छूट जाती है। कई लोग इसे मामूली समझते हैं और कहते हैं, “थोड़ी कम नींद से क्या फर्क पड़ता है?”

लेकिन हकीकत यह है कि नींद की कमी शरीर और दिमाग दोनों पर गहरा असर डालती है। यह असर धीरे-धीरे होता है, इसलिए अक्सर लोग इसे समय पर पहचान नहीं पाते।

नींद क्यों ज़रूरी है?

नींद (Sleep) सिर्फ आराम नहीं है, बल्कि यह वह समय है जब शरीर:

  • खुद को रिपेयर करता है

  • दिमाग याददाश्त को व्यवस्थित करता है

  • हार्मोन संतुलन बनाए रखता है

जब नींद पूरी नहीं होती, तो यह पूरी प्रणाली प्रभावित होने लगती है।


🧠 नींद की कमी से शरीर पर पड़ने वाले असर

1️⃣ 😴 लगातार थकान और सुस्ती

कम नींद लेने पर शरीर को पूरी तरह रिकवर होने का समय नहीं मिलता। नतीजा — दिनभर थकान, आलस्य और ऊर्जा की कमी।

2️⃣ 🧠 एकाग्रता और याददाश्त पर असर

नींद की कमी से:

  • ध्यान लगाने में दिक्कत

  • चीज़ें भूलना

  • निर्णय लेने में परेशानी
    हो सकती है।

3️⃣ 😣 चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग

कम नींद लेने वाले लोगों में:

  • गुस्सा जल्दी आना

  • बेचैनी

  • उदासी
    जैसे भावनात्मक बदलाव देखे जाते हैं।

4️⃣ ⚖️ वजन बढ़ने का खतरा

नींद की कमी से भूख से जुड़े हार्मोन बिगड़ जाते हैं, जिससे:

  • ज़्यादा खाने की इच्छा

  • मीठा या जंक फूड क्रेविंग
    बढ़ सकती है।

5️⃣ ❤️ दिल और ब्लड प्रेशर पर असर

लंबे समय तक नींद की कमी:

  • हाई ब्लड प्रेशर

  • दिल की बीमारियों
    का जोखिम बढ़ा सकती है।

6️⃣ 🛡️ इम्यून सिस्टम कमजोर होना

पूरी नींद न लेने पर शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने की आशंका बढ़ती है।


🤔 शरीर कैसे संकेत देता है कि नींद पूरी नहीं हो रही?

अगर आपको ये संकेत बार-बार दिखें, तो सतर्क हो जाना चाहिए:

  • सुबह उठते ही थकान

  • दिन में झपकी आने की आदत

  • सिर भारी रहना

  • काम में मन न लगना

ये संकेत बताते हैं कि शरीर पूरी नींद की मांग कर रहा है


⚠️ कब नींद की कमी को गंभीरता से लेना चाहिए?

इन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह ज़रूरी हो सकती है:

  • लंबे समय से 5–6 घंटे से कम नींद

  • नींद के बावजूद थकान महसूस होना

  • नींद न आने की समस्या लगातार बनी रहना

👉 नींद की समस्या अपने आप ठीक न भी हो, तो जांच ज़रूरी हो जाती है।


✅ क्या करें / ❌ क्या न करें

✔️ क्या करें:

  • रोज़ एक तय समय पर सोने और उठने की कोशिश करें

  • सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें

  • हल्का और समय पर डिनर लें

  • शांत वातावरण में सोएं

❌ क्या न करें:

  • देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप न देखें

  • नींद को “एडजस्ट” करने की आदत न बनाएं

  • बिना सलाह नींद की दवा न लें


❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. रोज़ कितनी नींद ज़रूरी होती है?
अधिकांश वयस्कों को 7–8 घंटे की नींद की ज़रूरत होती है।

Q2. क्या वीकेंड पर ज़्यादा सोकर कमी पूरी हो सकती है?
पूरी तरह नहीं। रोज़ की नींद ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है।

Q3. क्या नींद की कमी से मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?
हां, लंबे समय तक नींद की कमी मानसिक तनाव और चिंता बढ़ा सकती है।


🟢 अंतिम बात

नींद कोई लक्ज़री नहीं, बल्कि शरीर की बुनियादी ज़रूरत है।
अच्छी नींद = बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर सोच और बेहतर ज़िंदगी।

👇 नीचे कमेंट में बताइए —
आप रोज़ औसतन कितने घंटे की नींद लेते हैं?

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