बवासीर और फिशर (Fissure) में क्या फर्क है?

Dr.s.k
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बवासीर और फिशर के लक्षण और दोनों में अंतर
बवासीर और फिशर के लक्षण समझना सही इलाज के लिए ज़रूरी है।

मल त्याग के समय दर्द, जलन या खून दिखे तो ज़्यादातर लोग तुरंत यही सोचते हैं — “यह बवासीर होगी”। लेकिन कई बार यही लक्षण फिशर (Fissure) में भी दिखाई देते हैं, जिस कारण लोग दोनों को एक ही बीमारी समझ लेते हैं।

असल में बवासीर और फिशर दो अलग-अलग समस्याएं हैं, जिनका कारण, दर्द का प्रकार और इलाज का तरीका भी अलग होता है। सही फर्क समझना इसलिए ज़रूरी है, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके।

बवासीर क्या होती है?

बवासीर को मेडिकल भाषा में हेमोरॉयड्स (Hemorrhoids) कहा जाता है। इसमें गुदा या मलाशय के पास की नसें सूज जाती हैं

यह समस्या अक्सर:

  • लंबे समय की कब्ज

  • टॉयलेट में ज़ोर लगाने

  • लंबे समय तक बैठने

  • गर्भावस्था
    जैसे कारणों से होती है।

बवासीर के आम लक्षण

  • मल के साथ चमकीला लाल खून

  • आमतौर पर कम या न के बराबर दर्द

  • गुदा के आसपास सूजन या गांठ

  • अधूरा साफ़ होने का एहसास


फिशर (Fissure) क्या होता है?

फिशर यानी एनल फिशर (Anal Fissure) गुदा की अंदरूनी त्वचा में बनने वाली छोटी दरार या कट होती है।

यह ज़्यादातर तब होता है जब:

  • मल बहुत सख़्त हो

  • शौच के समय ज़्यादा ज़ोर लगाया जाए

फिशर के आम लक्षण

  • मल त्याग के समय तेज़, चुभने वाला दर्द

  • दर्द इतना कि टॉयलेट जाने से डर लगने लगे

  • खून की मात्रा कम, लेकिन दर्द ज़्यादा

  • शौच के बाद भी देर तक जलन


🤔 बवासीर और फिशर में मुख्य फर्क क्या है?

1️⃣ दर्द का प्रकार

  • बवासीर: अक्सर दर्द नहीं या बहुत हल्का

  • फिशर: तेज़, काटने जैसा दर्द

2️⃣ खून आने का तरीका

  • बवासीर: बिना दर्द के खून आ सकता है

  • फिशर: दर्द के साथ खून आता है

3️⃣ समस्या की प्रकृति

  • बवासीर: सूजी हुई नसों की समस्या

  • फिशर: त्वचा में कट या दरार

4️⃣ मरीज की प्रतिक्रिया

  • बवासीर: मरीज टॉयलेट जाने से नहीं डरता

  • फिशर: मरीज दर्द के डर से शौच टालने लगता है


⚠️ क्यों सही पहचान ज़रूरी है?

क्योंकि:

  • बवासीर और फिशर का इलाज अलग-अलग होता है

  • गलत दवा या मलहम से समस्या बढ़ सकती है

  • लंबे समय तक अनदेखी करने से जटिलताएं हो सकती हैं

👉 इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर खुद से इलाज शुरू करना सही नहीं है।


🧪 डॉक्टर जांच कैसे करते हैं?

डॉक्टर आपकी शिकायत और जांच के आधार पर तय करते हैं कि समस्या क्या है। ज़रूरत पड़ने पर:

  • शारीरिक जांच

  • कुछ विशेष टेस्ट
    की सलाह दी जा सकती है।

👉 खुद से निष्कर्ष निकालना या इंटरनेट पर इलाज ढूंढना सुरक्षित नहीं है।


✅ क्या करें / ❌ क्या न करें

✔️ क्या करें:

  • कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त भोजन लें

  • पर्याप्त पानी पिएं

  • शौच की इच्छा को न रोकें

  • समय पर डॉक्टर से सलाह लें

❌ क्या न करें:

  • खून या दर्द को “सामान्य” मानकर न टालें

  • बिना सलाह क्रीम या दवा न लगाएं

  • लंबे समय तक टॉयलेट में न बैठें


❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या बवासीर और फिशर एक साथ हो सकते हैं?
हां, कुछ मामलों में दोनों समस्याएं एक साथ भी हो सकती हैं।

Q2. क्या ये समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती हैं?
शुरुआती अवस्था में सही आदतों से राहत मिल सकती है, लेकिन जांच ज़रूरी है।

Q3. क्या सर्जरी हमेशा ज़रूरी होती है?
नहीं, हर मरीज में सर्जरी की ज़रूरत नहीं होती।


🟢 अंतिम बात

बवासीर और फिशर के लक्षण मिलते-जुलते ज़रूर हैं, लेकिन दोनों अलग समस्याएं हैं।
सही पहचान = सही इलाज और तेज़ राहत।

👇 नीचे कमेंट में बताइए —
क्या आपको अब बवासीर और फिशर के फर्क को समझना आसान लगा?

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